क्या परमेश्वर का वचन यीशु मसीह को परमेश्वर दर्शाता है?

द्वारा: Dr. John Ankerberg, Dr. John Weldon; ©2005

बहुत से मसीही और मसीही धर्म के उदारवादी शिक्षक यीशु मसीह के परमेश्वर होने और परमेश्वर के त्रिएकत्व को बाइबल आधारित न मानकर अस्वीकार करते है, जो केवल उनके पक्षपाती विचारो के कारण है. परन्तु ध्यान देने योग्य बात यह है कि परमेश्वर के त्रिएकत्व को अस्वीकार करने वालो में से भी कुछ लोग ऐसे है जो स्वीकार करते है कि यह बाइबल में निहित इसके “स्पष्ट अर्थ” और “प्राकृतिक अभिप्राय” पर आधारित बाइबल की ही शिक्षा है.George E. Ellis, उन्नीसवीं सदी के त्रिएकत्व विरोधी अगुवे, त्रिएकता विरोधी पंथों और उदारवादियों के पक्षपात को दर्शाते हैं जो त्रिएकत्व को बाइबल के आधार की अपेक्षा व्यक्तिगत विचारों के आधार पर स्वीकार नहीं करतें हैं. Ellis अंगीकार करते हैं कि, “केवल इसी तरह के सरल, विशेष, विवेकशील और स्पष्ट रूप में, मुझे बलपूर्वक व्यवहार करना जो उसे हम जैसे उदारवादियों से मिलता है, वह पुस्तक केवल रूढिवादिता के अलावा और कुछ नहीं सिखा सकती.”[1]

महान प्रिंसटन धर्मज्ञानी B. B. Warfield, जो इस विषय में एक प्रकांड विद्वान से कम नहीं है, इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं कि, “परमेश्वर के वचन में त्रिएकत्व का सिद्धांत हर जगह पूर्वकल्पित है”[2]

जैसे E. Calvin Beisner, God in Three Persons के लेखक, कहतें हैं,

नए नियम की गवाही में यीशु मसीह के ईश्वरीयता सर्वसम्मत है…जहाँ ऐसे कोई पद्यांश नहीं है जो प्रत्यक्ष रूप में मसीह को परमेश्वर नहीं कहते , परन्तु हमारे पास अभी भी ऐसे भारी प्रमाण है और वो है नए नियम में यीशु मसीह का गर्भाधान, क्योंकि हर अर्थ में वे निश्चित रूप में पिता परमेश्वर के समान्तर दर्शाये गए हैं| C. F. D. Moule लिखते हैं; “किसी भी एक पद्यांश से अधिक प्रभावशाली है अंतर्निहित क्रिस्तविज्ञान के दो संकेत|” पहला यह सत्य की, पौलुस जब अपनी पत्रियों में अभिवादन करतें है, वह परमेश्वर और मसीह को एक ही सूत्र लेकर आता है| एक गैर- मसीही यहूदी के लिए इतनी विशालता की कल्पना करने के लिए बहुत प्रयास करना पड़ता है|इससे हमें ऐसे ही झटका लगेगा यदि(यह सादृश्य यदि बिना अनादर के स्वीकृत है तो)एक क्यूबा का रहने वाला धार्मिक आज एक सन्देश को रचे जो परमेश्वर और “चे” की ओर से हो, गुएवारा…..

दूसरा क्रिस्तविज्ञानं का संकेत, जैसा पहले प्रमाणित किया गया है, पौलुस की पत्रियों में जिनकी प्रमाणिकता से इनकार नहीं किया जा सकता, उनमें यह सत्य है कि पौलुस मसीह का अनुभव इस प्रकार करता है जिस प्रकार कोई भी आस्तिक परमेश्वर को समझने का दावा करता है- अर्थात इतना व्यक्तिगत परन्तु वैयक्तिक से अधिक: जैसे व्यक्ति से बढ़कर. यह कुछ विशेष उक्तियों जैसे “मसीह में” के उपयोगों से प्रमाणित होता है. [3]

नीचे दिए गए बाइबल पदों पर ध्यान दें, जो स्पष्ट रूप में सिखाते हैं कि यीशु मसीह परमेश्वर है. नि:सन्देह मसीह ईश्वरत्व के,अभिभूत  करने वाले प्रमाण ही ने संशयवादी, एकदेववादी और भीरु यहूदियों द्वारा विरोधी यरूशलेम और फिर संसार में यीशु के परमेश्वर होने के प्रचार के लिए साहस भर दिया था.

1.  यूहन्ना 1:01,14- “वचन परमेश्वर था … वचन देहधारी हुआ और हमारे बीच में अपना निवास बनाया.”

2.  यूहन्ना 01:18, NASB- “केवल एकलौता परमेश्वर.”

3.  यूहन्ना 20:28 – थोमा ने उस से कहा [यीशु] “मेरे प्रभु और मेरे परमेश्वर.”

4.  तीतुस 2:13 – “हमारे महान परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह.”

5.  इब्रानियों 01:08 – लेकिन बेटे के बारे में उस ने कहा, “आपका सिंहासन, हे परमेश्वर, हमेशा हमेशा के लिए रहेगा.”

6.  2 पतरस 1:1 – “हमारा परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह.”

7.  1 यूहन्ना 5:20 – “यीशु मसीह. वह सच्चा परमेश्वर और अनन्त जीवन है.”

8.  कुलुस्सियों 2:09 – “मसीह में ईश्वरत्व की सारी परिपूर्णता सदेह वास करती है”

9.  यशायाह 9:6 – “हमारे लिए एक बालक उत्पन्न हुआ… और उसे कहा जाएगा …सामर्थी परमेश्वर.”

10.  यशायाह 7:14/ मत्ती 1:23 – “इम्मानुअल” – जिसका अर्थ है, “परमेश्वर हमारे साथ.”

11.  इब्रानियों 1:3 – “पुत्र परमेश्वर की महिमा का प्रकाश और उसके तत्व की छाप है….”

12.  कुलुस्सियों 1:15,16- “वह अदृश्य परमेश्वर की छवि है … उसके द्वारा सब कुछ बनाया गया.”

13.  प्रेरितों 20:28 – कलीसिया परमेश्वर के लहू से खरीदी गई है.

14.  2 कुरिन्थियों 4:04 – “मसीह, जो

इन पदों और अन्य स्रोतों के आधार पर, चिंतन करने वाला कोई भी व्यक्ति क्या तार्किक रूप से इनकार कर सकता है कि बाइबिल यीशु मसीह को परमेश्वर दर्शाती हैं?

नोट्स

1. ↑ E. Calvin Beisner द्वारा लिखित, God in Three Persons  (Wheaton, IL: Tyndale, 1984), , पृ. 25 से.

2. ↑ Ibid., पृ. 26.

3. ↑ Ibid., pp. 33-34.

4. ↑ Ibid., पृ. 30.