क्या बाइबल रैप्चर (कलीसिया के उठाये जाने) और मसीह की दूसरी आमद के एक साथ होने की बात सिखाती है?

द्वारा: Dr. John Ankerberg; ©1996

Dr. John Ankerberg:  क्या रैपचर महासंकट की अवधि के पूरा होने के बाद मसीह की धरती पर वापसी के समय नहीं होता? मेरा उत्तर है ‘‘नहीं’’। मेरा मानना है कि वचन में कम से कम सात ऐसे अन्तर उद्घाटित हुए हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि रैपचर की घटना और धरती पर न्याय व राज्य के लिए मसीह का लौटना, अलग-अलग समय पर होनेवाली घटनायें हैं। चलिये, मैं तुरंत से इन अन्तरों की एक सूची आपके लिए बना देता हूँ, और फिर इसके बाद हम उन वचनों का अध्ययन करेंगे जो इन अन्तरों को बताते हैं। पहला, दोनो घटनाओं के समय प्रभु जहाँ लोगों से मिलने आयेगा उसमें भौगोलिक अन्तर है, अर्थात् दोनो अलग स्थान हैं। बाइबल इस बात का संकेत देती है कि रैप्चर के समय विश्वासी प्रभु से हवा में मिलेंगे। लेकिन अपनी दूसरी आमद के समय प्रभु यरुशलेम में जैतून की पहाड़ी पर उतरता है।

दूसरा, बाइबल इस बात का संकेत देती है कि दोनो घटनाओं में धरती से लोगों को हटानेवाले व्यक्तियों का अन्तर है। रैप्चर के समय मसीह स्वयं आकर विश्वासियों को संसार से लेकर जाता है; लेकिन दूसरी आमद में यीशु अपने दूतों को भेजता है कि वे न्याय के लिए लोगों को धरती से इकट्ठा करें।

तीसरा, बाइबल में इस बात के संकेत हैं कि दोनो घटनाओं में धरती पर से उठाये जाने और छोड़े जानेवाले लोगों में अन्तर है। रैप्चर में, धरती से विश्वासी उठाये जाते हैं और अविश्वासी धरती पर छोड़ दिये जाते हैं। लेकिन दूसरी आमद के समय, विश्वासी सहस्राब्दि राज्य में प्रवेश करने के लिए धरती पर छोड़ दिये जाते हैं, जबकि अविश्वासियों को न्याय के लिए उठा दिया जाता है।

चौथा, बाइबल इस बात का संकेत देती है कि महासंकट काल के परिप्रेक्ष्य में यीशु के आने के समय में भी अन्तर है। रैप्चर के समय यीशु महासंकट काल के होने से पहले आता है, ताकि विश्वासियों को उससे बचा सके; जबकि, दूसरी आमद में यीशु महासंकट काल के बाद अंतिम दंड देने, अपने शत्रुओं पर जय पाने और यरुशलेम से जगत पर राज्य करने के लिए आता है।
पाँचवाँ, बाइबल संकेत करती है कि विश्वासियों के लिए हर घटना से पूर्व दिखाई देनेवाले चिन्हों में भी अन्तर है। वचन में भी रैप्चर से पहले दिखाई देनेवाले किसी चिन्ह के बारे में नहीं बताया गया है। लेकिन दूसरी आमद से पूर्व होनेवाली घटनाओं व चिन्हों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है।

छठवाँ अन्तर इस तथ्य से पैदा होता है कि रैप्चर से जुड़े वचनों में कहीं भी रैप्चर से पूर्व होनेवाले परमेश्वर के न्याय या परीक्षाओं के बारे में नहीं लिखा है। विश्वासियों के लिए एक ही प्रतिज्ञा और चेतावनी दी गई है कि मसीह अपनो के लिए आता है। लेकिन वहीं दूसरी ओर, मसीह की दूसरी आमद से जुड़ा हर वचन महांसकट और न्याय के संदर्भ में है। उदाहरण के लिए, जकर्याह 14:1-2 हमें राज्य के लिए मसीह के धरती पर आने से तुरंत पहले यरुशलेम को कब्ज़े में किये जाने की बात बताता है।

सातवाँ, बाइबल में हर घटना में पुनरुत्थान के होने के समय में अन्तर होने के संकेत मिलते हैं। रैप्चर के समय, मसीह के नीचे उतरने के दौरान मसीह में मृत लोगों के पुनरुत्थान होता है। लेकिन दूसरी आमद में, मसीह के धरती पर उतरने के बाद महासंकट के दौरान मृत धर्मियों का पुनरुत्थान होता है।

अब, यदि वचन में इन अन्तरों के बारे में बताया गया है, तो ऐसे में यह मानना असंगत होगा कि कलीसिया के संतो का रैप्चर और धरती पर मसीह की दूसरी आमद एक ही समय में होता है। वचन में पाये जानेवाले इन अन्तरों से यही निष्कर्ष निकल सकता है कि रैप्चर और मसीह की दूसरी आमद दो अलग समय पर होनेवाली दो अलग घटनायें हैं।

1. भौगोलिक पृष्ठभूमि की भिन्नताओं से यह संकेत मिलता है कि ये दोनो दो अलग घटनायें अथवा मसीह की दूसरी आमद के दो अलग चरण हैं।

रैपचर: मसीह धरती से ऊपर हवा में उतरेगा और उससे मिलने के लिए मसीही हवा में उठाये जायेंगे। दूसरी आमद: मसीह यरुशलेम में जैतून की पहाड़ी पर उतरेगा।

Dr. John Ankerberg:  बाइबल यह कहाँ बताती है कि प्रभु से मिलने के लिए मृत और जीवित, सभी मसीही हवा में उठा लिये जायेंगे? 1 थिस्सलुनीकियों 4:17 हमें बताता है, कि ‘‘तब हम जो जीवित और बचे रहेगे, उनके साथ बादलों पर उठा लिये जायेंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।’’ रैप्चर के समय यीशु विश्वासियों को कहाँ ले जायेंगे? यूहन्ना 14:2 में यीशु ने हमें बताया है कि वह हमें स्वर्ग ले जायेगा। उसने कहा कि ‘‘मेरे पिता के घर में रहने के बहुत से स्थान हैं,’’ और पिता का घर स्वर्ग है, यीशु आगे कहता है कि ‘‘यदि न होते, तो मैं तुमसे कह देता क्योंकि मैं तुम्हारें लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करुँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा, कि जहाँ मैं हूँ वहाँ तुम भी रहो।’’

इस तरह, ये वचन हमारे मसीह से कहाँ पर मिलने का संकेत देते हैं? हवा में। मसीह हमें कहाँ ले जायेगा? स्वर्ग में अपने पिता के घर।

लेकिन अब जकर्याह 14:3 के साथ इन कथनों की तुलना करें, जहाँ हमें बताया जाता है कि:‘‘तब यहोवा निकल कर उन जातियों से ऐसा लड़ेगा जैसा वह संग्राम के दिन में लड़ा था। और उस समय वह जलपाई के पर्वत पर पाँव धरेगा, जो……यरुशलेम के सामने है।’’ यदि हम कहें कि रैप्चर और मसीह की दूसरी आमद एक ही घटना है, तो ऐसे में ये पद इस बात को लेकर विरोधी बातें कहेंगे कि मसीह आखिर किस जगह पर आनेवाला है। वह धरती के ऊपर हवा में आयेगा, या कि यरुशलेम में जलपाई अर्थात् जैतून की पहाड़ी वह स्थान है जहाँ वह अपने कदम रखेगा?

इन पदों की असंगति को समाप्त करने के लिए, मेरा मानना है कि वचन हमें इस बात को समझने की माँग करता है कि हम इन्हें या तो मसीह की दूसरी आमद के दो चरणों की तरह देखें, या दो अलग घटनाओं की तरह। रैप्चर में, मसीह अपनी कलीसिया के लिये आता है और हम उससे मिलने के लिए हवा में उठाये जाते हैं। बाद में, दूसरी आमद के समय, मसीह यरुशलेम में जैतून की पहाड़ी पर उतरता है, जहाँ वह अपने शत्रुओं को परास्त करके राज्य करता है।